UPI का नया वर्जन UPI 2.0 लॉन्च, जाने क्या है खास

दोस्तों, हाल ही में UPI का नया वर्जन UPI 2.0 लांच किया गया है, जिसे पहले से काफी बेहतर बनाया गया है.  यूपीआई 2.0 यूपीआई का दूसरा वर्जन है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर लांच किया है. UPI 2.0 की मदद से आप पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुरक्षित ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. UPI 2.0 के साथ 10  से  ज्यादा banks जुड़े हुए हैं. जिनमें SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, and Yes Bank, Axis Bank, IDBI bank, Federal Bank, HSBC, Kotak आदि banks समिल हैं.

UPI 2.0 के फीचर्स :

ओवरड्राफ्ट खाते को जोड़ना : यूपीआई 2.0 में यूजर अपने करंट और सेविंग अकाउंट के अलावा ओवरड्राफ्ट अकाउंट को भी लिंक कर सकते हैं. यूजर्स को इसके लिए एक डिजिटल चैनल उपलब्ध कराया जाएगा. इस फीचर की मदद से ट्रांजैक्शन सरलता से और तेजी से किया जा सकेगा.

वन टाइम मैनडेट : यूपीआई 2.0 के इस फीचर की मदद से यूजर किसी भी ट्रांजैक्शन को पहले से ही ऑथोराइज कर सकते हैं. इसके बाद ही पेमेंट मर्चेंट के अकाउंट में क्रेडिट किया जाएगा. यह व्यापारियों के साथ-साथ व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए बिना किसी रुकावट के काम करता है.

सिग्नेचर और क्यूआर कोड : इसकी मदद से user क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट करते समय मर्चेंट की ऑथेंटिसिटी वेरिफाई कर सकते हैं. यानी कि यह पता लगा सकते हैं कि मर्चेंट पेमेंट रिसिव करने यूपीआई द्वारा वेरिफाइड है याा नहीं. यदि पेमेंट रिसीवर सिक्योर्ड नहीं है तो ग्राहक को इस संबंध में नोटिफिकेशन भेजकर सूचना दी जायेगी. यह फीचर ट्रांजैक्शन को अतिरिक्त सुुरक्षा प्रदान करताा है.

इनबॉक्‍स में चालान : यह सुविधा ग्राहकों को भुगतान करने से पहले व्यापारी द्वारा भेजे गए चालान की जांच करने के लिए डिज़ाइन की गई है. इससे पेमेंट करने से पहले आपको एक लिंक दिया जाएगा जिसमें पेमेंट की इनवॉयस होगी. इस से आपको कंफर्म हो जाएगा की आप कितने की पेमेंट कर रहे हैं. साथ आप डिटेल्स भी वेरिफाई कर सकते हैं.

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